अगर आप UPSC की तैयारी शुरू कर रहे हैं तो सबसे पहले आपके मन में यही सवाल आता होगा कि UPSC Ke Liye NCERT Kaise Padhe। बहुत सारे नए छात्र सीधे मोटी-मोटी किताबें खरीद लेते हैं, लेकिन कुछ दिनों बाद उन्हें समझ में आता है कि बेसिक ही मजबूत नहीं है। यही कारण है कि लगभग हर सफल UPSC उम्मीदवार NCERT से शुरुआत करने की सलाह देता है।
सच बात यह है कि UPSC कोई रटने वाली परीक्षा नहीं है। यहाँ आपकी समझ, विश्लेषण क्षमता और विषयों की गहराई को परखा जाता है। NCERT किताबें आपको वही मजबूत नींव देती हैं जिसकी जरूरत UPSC जैसी कठिन परीक्षा के लिए होती है।
अगर आपने सही तरीके से NCERT पढ़ ली, तो आगे की किताबें जैसे Laxmikanth, Spectrum, GC Leong और अन्य स्टैंडर्ड बुक्स समझना काफी आसान हो जाएगा।
इस लेख में हम बिल्कुल देसी और आसान भाषा में समझेंगे कि UPSC के लिए NCERT कैसे पढ़नी चाहिए, कौन-कौन सी NCERT जरूरी हैं, नोट्स कैसे बनाने हैं और कितनी बार रिवीजन करना है।
UPSC में NCERT इतनी महत्वपूर्ण क्यों है?
बहुत सारे छात्र सोचते हैं कि NCERT तो स्कूल की किताब है, इससे UPSC कैसे निकलेगा?
यहीं सबसे बड़ी गलती होती है।
UPSC हर साल कई ऐसे प्रश्न पूछता है जिनकी जड़ NCERT में होती है। खासकर History, Geography, Environment, Economics और Science के विषयों में NCERT का योगदान बहुत बड़ा है।
NCERT की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें भाषा आसान होती है, तथ्य सही होते हैं और विषय को समझाने का तरीका बेहद सरल होता है।
जब आपकी बुनियाद मजबूत होगी तभी आप एडवांस किताबें समझ पाएंगे।
UPSC के लिए कौन-कौन सी NCERT पढ़नी चाहिए?
इतिहास (History)
इतिहास UPSC का सबसे महत्वपूर्ण विषय माना जाता है।
पढ़ने वाली NCERT:
- कक्षा 6 – हमारा अतीत
- कक्षा 7 – हमारा अतीत II
- कक्षा 8 – हमारा अतीत III
- कक्षा 11 – Themes in World History
- कक्षा 12 – Themes in Indian History Part 1, 2 और 3
इन किताबों से Ancient, Medieval और Modern History की मजबूत समझ बनती है।
भूगोल (Geography)
UPSC में Geography के प्रश्न हर साल पूछे जाते हैं।
पढ़ने वाली NCERT:
- कक्षा 6 से 10 तक की Geography
- कक्षा 11 – Physical Geography
- कक्षा 12 – India People and Economy
- कक्षा 12 – Fundamentals of Human Geography
मैप पर विशेष ध्यान दें।
राजनीति विज्ञान (Polity)
अगर Polity मजबूत करनी है तो NCERT से शुरुआत करें।
पढ़ने वाली NCERT:
- कक्षा 9 – Democratic Politics
- कक्षा 10 – Democratic Politics II
- कक्षा 11 – Indian Constitution at Work
- कक्षा 11 – Political Theory
- कक्षा 12 – Politics in India Since Independence
इसके बाद Laxmikanth पढ़ना बहुत आसान हो जाता है।
अर्थशास्त्र (Economics)
कई छात्रों को Economics कठिन लगती है लेकिन NCERT इसे बहुत आसान बना देती है।
पढ़ने वाली NCERT:
- कक्षा 9 और 10 Economics
- कक्षा 11 Indian Economic Development
- कक्षा 12 Macroeconomics
- कक्षा 12 Microeconomics
विज्ञान (Science)
UPSC में Science से सीधे और अप्रत्यक्ष दोनों प्रकार के प्रश्न आते हैं।
पढ़ने वाली NCERT:
- कक्षा 6 से 10 तक Science
11वीं और 12वीं की Science केवल जरूरत पड़ने पर पढ़ें।
पर्यावरण (Environment)
Environment के लिए अलग NCERT नहीं है, लेकिन Geography और Science की NCERT से अच्छी तैयारी हो जाती है।
UPSC के लिए NCERT पढ़ने का सही क्रम क्या होना चाहिए?
बहुत सारे छात्र 11वीं और 12वीं से शुरुआत कर देते हैं।
यह तरीका गलत है।
सही तरीका यह है:–
पहला चरण
कक्षा 6 से 8
इनसे बेसिक समझ विकसित होगी।
दूसरा चरण
कक्षा 9 और 10
यहाँ विषय थोड़ा गहरा हो जाता है।
तीसरा चरण
कक्षा 11 और 12
अब आपको एडवांस लेवल की समझ मिलेगी।
NCERT कितनी बार पढ़नी चाहिए?
यह सवाल लगभग हर UPSC अभ्यर्थी पूछता है।
मेरा सुझाव है:–
पहली बार
सिर्फ समझने के लिए पढ़ें।
दूसरी बार
महत्वपूर्ण बिंदुओं को मार्क करें।
तीसरी बार
नोट्स बनाएं और रिवीजन करें।
कम से कम तीन बार NCERT पढ़नी चाहिए।
NCERT पढ़ते समय नोट्स कैसे बनाएं?
बहुत से छात्र पहली बार पढ़ते ही नोट्स बनाने लगते हैं।
यह गलती है।
पहले किताब को समझें।
दूसरी रीडिंग में महत्वपूर्ण बिंदु हाईलाइट करें।
तीसरी रीडिंग में छोटे नोट्स बनाएं।
नोट्स हमेशा छोटे और रिवीजन फ्रेंडली होने चाहिए।
NCERT पढ़ने का रोज का टाइम टेबल
अगर आप शुरुआत कर रहे हैं तो यह टाइम टेबल अपना सकते हैं।
सुबह
2 घंटे NCERT
दोपहर
1 घंटा रिवीजन
शाम
1 घंटा Current Affairs
रात
30 मिनट नोट्स
इस तरह प्रतिदिन 4 से 5 घंटे देने पर 2 से 3 महीने में सभी महत्वपूर्ण NCERT पूरी हो सकती हैं।
क्या सभी NCERT पढ़नी जरूरी हैं?
नहीं।
UPSC के लिए केवल महत्वपूर्ण NCERT पढ़ना पर्याप्त है।
हर विषय की सभी किताबें पढ़ने की जरूरत नहीं है।
स्मार्ट स्टडी करें।
NCERT पढ़ते समय कौन-कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए?
केवल पढ़ना
सिर्फ पढ़ने से कुछ नहीं होगा।
समझना जरूरी है।
रटने की कोशिश
UPSC समझ की परीक्षा है।
रटना नुकसानदायक है।
नोट्स का ढेर बनाना
बहुत बड़े नोट्स बाद में बोझ बन जाते हैं।
रिवीजन न करना
रिवीजन के बिना सब भूल जाएगा।
क्या हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए NCERT पर्याप्त है?
बिल्कुल।
NCERT हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यम में उपलब्ध है।
हिंदी माध्यम के लाखों छात्रों ने UPSC में सफलता हासिल की है।
भाषा कभी भी बाधा नहीं बनती।
सही रणनीति सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होती है।
NCERT के बाद कौन सी किताबें पढ़ें?
जब NCERT पूरी हो जाए तब:–
Polity
M. Laxmikanth
History
Spectrum Modern History
Geography
GC Leong
Economy
Basic Economy Books
Environment
Standard Environment Books
UPSC टॉपर NCERT पर इतना जोर क्यों देते हैं?
क्योंकि UPSC का पूरा खेल Concept पर आधारित है।
अगर Concept मजबूत है तो कोई भी कठिन किताब समझ में आ जाएगी।
अगर Concept कमजोर है तो हजार किताबें पढ़कर भी फायदा नहीं होगा।
NCERT वही मजबूत नींव तैयार करती है।
90 दिनों में NCERT खत्म करने की रणनीति
पहला महीना
History और Geography
दूसरा महीना
Polity और Economics
तीसरा महीना
Science, Environment और Revision
हर रविवार केवल Revision करें।
अंतिम सलाह
अगर आप सच में UPSC की तैयारी शुरू कर रहे हैं तो सबसे पहले NCERT को अपना दोस्त बना लीजिए। कई छात्र सीधे कोचिंग नोट्स, मोटी किताबों और PDF के पीछे भागते हैं, लेकिन सफल वही होते हैं जिनकी बुनियाद मजबूत होती है।
याद रखिए, UPSC की तैयारी में शॉर्टकट नहीं चलता। कक्षा 6 से 12 तक की जरूरी NCERT को तीन बार पढ़िए, छोटे नोट्स बनाइए, नियमित रिवीजन कीजिए और Current Affairs के साथ जोड़कर पढ़िए।
एक मजबूत NCERT बेस आपको Prelims, Mains और Interview तीनों चरणों में फायदा देगा। इसलिए जल्दबाजी मत कीजिए, धीरे-धीरे लेकिन सही दिशा में पढ़िए। यही UPSC सफलता का सबसे मजबूत पहला कदम है।